मुख्यमंत्री आवास कूच कर रहे डिग्रीधारी लैब तकनीशियनों को पुलिस ने जबरन हिरासत में लिया
चार सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 74 दिनों से एकता विहार धरना स्थल पर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे प्रदेश के बेरोजगार डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों का सब्र अब टूटने लगा है। मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ के बैनर तले आयोजित आक्रोश रैली एवं मुख्यमंत्री आवास कूच के तहत शुक्रवार को गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे सैकड़ों लैब तकनीशियनों को पुलिस प्रशासन ने बीच रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया।
गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास की ओर शांतिपूर्वक मार्च कर रहे लैब तकनीशियनों को पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े तथा मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी वर्षों से लंबित मांगों को रखने की अनुमति देने की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस बल की पंक्तियां लाठियों के साथ लगाईं, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हुई। इस दौरान कई लैब तकनीशियनों के चोटिल होने की भी सूचना है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ते आक्रोश के बीच पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को घसीटते हुए पुलिस वाहनों में बैठाया। इसके विरोध में अनेक लैब तकनीशियन पुलिस वाहनों के आगे सड़क पर लेट गए। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा महिला लैब तकनीशियनों को भी जबरन हिरासत में लेकर कैदियों को ले जाने वाले वाहनों में बैठाया गया।
इस आंदोलन में मेडिकल लैब तकनीशियनों के साथ-साथ ऐलाइड हेल्थ साइंस के विभिन्न संवर्गों—रेडियोलॉजी तकनीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, ओटी तकनीशियन सहित अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए आंदोलन को समर्थन दिया।
पुलिस द्वारा संघ के अध्यक्ष आशीष चंद्र, प्रदेश महासचिव मयंक राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, कोषाध्यक्ष देवेंद्र भट्ट, गणेश गोदियाल, पंकज थुवाल, धनबीर बगियाल, आकांक्षा भट्ट, शिलोनी वसिष्ठ, प्रियंका पुरोहित, प्रियंका नेगी, बीना गुरुरानी, कुलभूषण, प्रियंका, परमात्मा पैनियुली, अमित जोशी, नरेश परिहार, सुनील, प्रदीप पंवार, रजत नौटियाल, अनूप रावत, प्रवेश चौहान, धर्मवीर सिंह, मनीष, सहित सैकड़ों आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य गठन के वर्षों बाद भी डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों के साथ लगातार उपेक्षा की जा रही है। पिछले 74 दिनों से एकता विहार धरना स्थल पर शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद सरकार द्वारा उनकी न्यायोचित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे आंदोलनकारियों में भारी रोष है।
संघ की चार प्रमुख मांगें हैं—
- आईपीएचएस मानकों के अनुरूप डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों के पदों का सृजन किया जाए।
- मेडिकल लैब तकनीशियन संवर्ग की सेवा नियमावली वर्षवार मेरिट के आधार पर बनाकर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।
- भर्ती में विलंब के कारण आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को एकमुश्त आयु सीमा में छूट प्रदान की जाए।
- सरकारी चिकित्सालयों की लैब सेवाओं के निजीकरण एवं आउटसोर्सिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब आंदोलनकारियों का सब्र टूट रहा है। यदि सरकार ने शीघ्र इन चारों मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा। आने वाले दिनों में बड़े कदम उठाए जाएंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी
