May 13, 2026

विक्रम शर्मा हत्याकाण्ड में फरार चल रहा 01 लाख रु० का ईनामी अभियुक्त चढ़ा पुलिस के हत्थे

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अभियुक्त के लगातार फरार चलने पर पुलिस द्वारा उस पर 01 लाख रूपये का ईनाम किया गया था घोषित

अभियुक्त द्वारा ही अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर रची थी विक्रम हत्याकाण्ड की साजिश

घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्तों के आने जाने व रूकने के लिये गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा की गयी थी फंडिग

उक्त घटना में पूर्व में पुलिस द्वारा पूर्व में 02 अभियुक्तो को किया गया था गिरफ्तार 13/02/2026 को सिल्वर सिटी राजपुर रोड डालनवाला देहरादून स्थित जिम से बाहर आते समय कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा विक्रम शर्मा नाम के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिस सम्बन्ध में थाना डालनवाला पर मु0अ0सं0- 30/2026 पंजीकृत हुआ था। अभियोग की विवेचना के दौरान उक्त घटना में झारखण्ड से आये अभियुक्तों की संलिप्तता पायी गयी थी, जिनकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस की अलग-अलग टीमों को गैर प्रान्त झारखण्ड व अन्य सम्भावित स्थानों को रवाना किया गया था। उक्त घटना में पुलिस द्वारा पूर्व में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अभियोग की विवेचना के दौरान घटना में शामिल 06 अन्य अभियुक्तो के नाम प्रकाश में आये थे, जो घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे।

पुलिस द्वारा फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु माननीय न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट व कुर्की वारंट प्राप्त किये गये थे, परन्तु अभियुक्त अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिये लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। अभियुक्तों के लगातार फरार चलने पर पुलिस द्वारा सभी 06 अभियुक्तों पर 01-01 लाख का ईनाम घोषित किया गया था। दिनांक 12/05/2026 को देहरादून पुलिस तथा एसटीएफ की संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर सहारनपुर में दबिश देते हुये घटना में शामिल 01 लाख रूपये के ईनामी अभियुक्त यशराज सिंह पुत्र राजकुमार सिंह निवासी- म0नं0 62 नियर राम इकबार भवन, गारावारसू, थाना बागबेड़ा, जमशेदपुर, जिला पूर्वी सिंहभूम, झारखण्ड, उम्र 23 वर्ष को होटल सूर्य लोक के सामने रेलवे रोड सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ का विवरणः-

पूछताछ पर अभियुक्त यशराज सिंह द्वारा बताया गया कि वह वर्ष 2024 से टाटानगर रेलवे स्टेशन पर दुकानों में भिकाजी नमकीन, चिप्स, केक, बिस्किट आदि की सप्लाई का काम करता था। उसके द्वारा विशाल सिंह के कहने पर अपने साथी आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा एवं जितेन्द्र साहू के साथ मिलकर विक्रम शर्मा को ठिकाने लगाने की योजना बनायी थी, जिसमें उन्होने अपने एक अन्य साथी मोहित उर्फ अक्षय ठाकुर को भी शामिल किया था। उनके द्वारा दिसम्बर 2025 व उससे पहले भी विक्रम शर्मा को नोएडा व दिल्ली में भी मारने का प्रयास किया था परन्तु भीड़भाड़ व उसके साथ ज्यादा लोग होने के कारण वे सफल नहीं हो पाये थे। जिस पर उनके द्वारा विक्रम शर्मा की देहरादून में ही हत्या करने की योजना बनायी तथा अपने साथी अंकित वर्मा को उसकी दिनचर्या व आने-जाने के रास्ते की जानकारी हेतु कई बार देहरादून भेजा।

अंकित वर्मा द्वारा ही विक्रम शर्मा की दिनचर्या की रैकी कर उन्हे बताया कि विक्रम शर्मा सुबह के समय जिम में अकेले जाता है, जिस पर अभियुक्तों द्वारा जिम में आते या जाते समय उसकी हत्या की योजना बनायी। घटना को अंजाम देने के लिये विशाल, आशुतोष के साथ अभियुक्त यशराज व आकाश प्रसाद को भी देहरादून आना था, पर अभियुक्त यशराज की माताजी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह अपने पिता के कहने पर घर पर ही रूक गया तथा विशाल और आशुतोष उसके पिता राजकुमार से उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी नम्बर JH05DZ5517 की चाबी लेकर देहरादून आ गये, जहां उनके द्वारा अंकित वर्मा, जो पहले से ही देहरादून में मौजूद था, के साथ मिलकर घटना में शामिल एक अन्य अभियुक्त जितेन्द्र शाहू की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर घटना को अंजाम दिया गया।

अभियुक्त य़शराज ने ही दिनांक 12/02/2026 को घटना में शामिल अभियुक्त आकाश प्रसाद को फ्लाइट से राँची से दिल्ली आने के लिए अपने मोबाइल नम्बर पर चल रहे पेटीएम से लगभग 15 हजार रुपये यूपीआई भुगतान कर भेजा गया, साथ ही रास्ते के खर्च के लिए उसे दस हजार रुपये अलग से दिये गये थे। घटना में शामिल अभियक्त आकाश के हरिद्वार के होटल में खाने व ठहरने का भुगतान भी अभियुक्त यशराज द्वारा यूपीआई के माध्यम से किया गया था तथा हरिद्वार से किराये में ली गयी स्कूटी व मोटर साइकिल का यूपीआई भुगतान उसके पिता राजकुमार सिंह द्वारा सारिका ट्रेडर्स के खाते से किया था।

घटना के बाद दिनांक 13/02/2026 को अभियुक्त विशाल द्वारा यशराज को विक्रम शर्मा की हत्या करने की सूचना दी, जिसके बाद अभियुक्त यशराज, उसके पिता राजकुमार व अभियुक्त जितेन्द्र साहू अपने घरों से फरार हो गये। घटना के बाद पुलिस द्वारा यशराज के पिता राजकुमार को झारखण्ड से गिरफ्तार किया गया था, जबकि अभियुक्त यशराज पुलिस से बचने के लिये अपनी बुआ के घर खड़गपुर पश्चिम बंगाल चला गया था। दिनांक 12/05/2026 को अभियुक्त अपने पिता के वकील से मिलने हरिद्वार आया था और उसके बाद कुछ अन्य वकीलों से सलाह मशविरा करने के लिए सहारनपुर पहुंचा था, पर इस दौरान पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त

यशराज सिंह पुत्र राजकुमार सिंह निवासी- म0नं0 62 नियर राम इकबार भवन, गारावारसू, थाना बागबेड़ा, जमशेदपुर, जिला पूर्वी सिंहभूम, झारखण्ड, उम्र- 23 वर्ष

पुलिस टीम

1- निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली डालनवाला, देहरादून
2- उ0नि0 नरोत्तम सिंह बिष्ट, एसटीएफ, देहरादून
3- अ0उ0नि0 हितेश कुमार, एसटीएफ, देहरादून
4- हे0का0 प्रमोद सिंह, एसटीएफ, देहरादून
5- हे0का0 किरन कुमार, एसओजी नगर, देहरादून
6- का0 देवेन्द्र कुमार, एसओजी नगर, देहरादून

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